अंधाधुंध रेवड़ी की तरह बांटे जा रहे लॉकडाउन पास समाज के लिए बन सकते हैं मुसीबत

गोरखपुर । कोरोना संक्रमण से बचने के लिए किए गए लॉकडाउन में समाजसेवा के नाम पर कुछ लोग फ़र्ज़ी तरीके से लॉकडाउन पास बनवाकर लोगों के बीच रौब गांठ रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें रायल ट्रेवेल के नाम पर लोगों को फ्री राशन पहुंचाने का प्रचार वाट्सएप्प के ज़रिए किया जा रहा है । जब उनके दिए नम्बर पर कॉल कोय गया तो ऐसी किसी भी सुविधा से इनकार किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रायल ट्रेवेल के जीशान अहमद और अहमद माज़ के नाम पर 26 मार्च को अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) द्वारा पास नम्बर 26 और 27 जारी किया गया। समाजसेवा के नाम पर जारी इस पास को एक संदेश के साथ वाट्सएप्प पर प्रदर्शित किया जा रहा है जिसमें गरीबो को मुफ्त राशन देने की बात कही गई है लेकिन जब दिए गए नम्बर पर काल किया गया तो  उधर से फोन उठाने वाले ने ऐसी किसी सुविधा देने से इनकार कर दिया।
बहरहाल राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में इस तरह से लॉकडाउन पास बनवा करो लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना अपने आप में एक अपराध तो है ही साथ ही जिला प्रशासन को भी पास जारी करने पर संयम बरतना चाहिए।
कहीं ऐसा न हो कि अंधाधुंध रेवड़ी की तरह बांटे जा रहे लॉकडाउन पास वाले समाज की सेवा करने बजाए समाज के लिए मुसीबत न बन जाएं।