Lockdown में Navratra, उपवास में किये ये उपाए तो बढ़ेगी CoronaVirus से लड़ने की क्षमता

आगरा,  वुहान से शुरु हुआ संक्रमण पूरी दुनिया के लाखों लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। हजारों की संख्‍या मौतें अबतक हो चुकी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना से वो लोग अधिक संक्रमित हो रहे हैं जिनकी इम्‍युनिटी पावर कमजोर है या किसी बीमारी से ग्रसित हैं। ऐसे में हमारे पास शक्ति आराधना के विशेष नौ दिन हैं। ये वो दिन हैं जब हम आदिशक्ति की साधना में उपवास रखते हैं। आयुर्वेदाचार्य डॉ कविता गोयल के अनुसार उपवास रखने से शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बेहतर होती है क्योंकि यह शरीर में मौजूद हानिकारक तत्वों से होने वाले नुकसान को कम करता है। सूजन व जलन की समस्या दूर होती है।


अपनाएं ये आयुर्वेदिक नुस्खे


डॉ कविता गोयल के अनुसार नवरात्रि के दौरान पूजा में अगर, तगर, लौंग, इलायची, कपूर, गुग्गल, जावित्री आदि का इस्तेमाल होता है, इससे घर से वैक्टीरिया दूर भागते हैं। उपवास के दौरान विटामिन सी से भरपूर चीजों को लें। आंवला, संतरा, मौसमी, अंगूर में से जो भी उपलब्ध है उसका सेवन जरूर करना चाहिए। दूध में मुनक्का व खजूर उबालकर लेने से इम्यूनिटी के स्तर में तुरंत सुधार होता है। बच्चों व बुजुर्गों के लिए इनका प्रयोग विशेष रूप से प्रभावी है। तुलसी, अदरक, लौंग, कालीमिर्च, सौंठ को दूध चाय या पानी में उबालकर दिन में दो तीन बार पीने से प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है


 


मिलती है मानसिक शांति


लॉकडाउन और कोरोना का भय मानसिक स्तर पर लोगों को कमजोर कर रहा है। व्रत करने से आप मानसिक तनाव से भी दूर रहते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दिमाग एकदम शांत रहता है और लगातार सकारात्मक सोचते हैं। इससे डिप्रेशन और दिमाग से जुड़ी कई समस्याओं से आपको छुटाकारा मिलता है।


मधुमेह में मिलेगा आराम


डायबीटीज के मरीजों के लिए व्रत काफी फायदेमंद है क्योंकि उपवास से ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है। इतना ही नहीं टाइप 2 डायबिटीज के मरीज अगर थोड़े समय (14 से 16 घंटे तक ) तक उपवास रखें तो उनके ब्लड शुगर स्तर में काफी कमी आ जाती है। इंसुलिन के प्रति सेंसिटिविटी बढ़ती है जिससे खून में मौजूद ग्लूकोज को कोशिका तक पहुंचाना आसान हो जाता है।


दिल दुरुस्त रखता है व्रत


कई अध्ययन में यह बात साबित हो चुकी है कि उपवास रखने से दिल से सेहत दुरुस्त रहती है। क्योंकि उपवास रखने से शरीर में मौजूद खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर काफी कम हो जाता है, इससे रक्तचाफ नियंत्रित रहता है। जाहिर सी बात है कि आपके दिल को किसी तरह का कोई खतरा नहीं होगा।